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ChatGPT Ads India: Free और Go Users के लिए क्या बदलेगा?

OpenAI ने भारत में ChatGPT Free और Go यूजर्स के लिए Ads लॉन्च कर दिए हैं। जानिए 4 सितंबर से शुरू हो रहे Ads Manager और पेड यूजर्स पर इसके असर की पूरी जानकारी।

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ChatGPT में शुरू हुए Ads: Free और Go यूजर्स के लिए क्या बदलेगा? जानिए पूरी सच्चाई

OpenAI ने भारत में अपने करोड़ों यूजर्स को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। 28 अगस्त 2026 से, ChatGPT के 'Free' और 'Go' प्लान का इस्तेमाल करने वालों को चैट स्क्रीन पर Ads (विज्ञापन) दिखना शुरू हो गए हैं। अभी तक लोग ChatGPT को उसके बिना-विज्ञापन वाले, एकदम साफ-सुथरे इंटरफेस के लिए पसंद करते थे, लेकिन अब यह अनुभव बदलने वाला है।

सिर्फ इतना ही नहीं, 4 सितंबर 2026 से OpenAI अपना 'Self-Serve Ads Manager' भी लॉन्च कर रहा है, जिससे छोटे-बड़े बिज़नेस सीधे ChatGPT पर अपने विज्ञापन चला सकेंगे। आइए एकदम आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर ChatGPT को Ads क्यों लाने पड़े, इससे आपकी प्राइवेसी पर क्या असर पड़ेगा और आम यूजर के लिए आगे क्या होने वाला है।

आखिर Ads की नौबत क्यों आई?

सीधी सी बात है, AI को चलाना बहुत महंगा काम है। हर दिन करोड़ों भारतीय ChatGPT से सवाल पूछते हैं। इन सवालों का जवाब देने के लिए भारी-भरकम सर्वर्स और बेहिसाब बिजली का इस्तेमाल होता है। अब तक OpenAI का सारा खर्च निवेशकों के पैसे और 'Plus' यूजर्स की सब्सक्रिप्शन फीस से चल रहा था।

लेकिन अब कंपनी को अपनी लागत निकालनी है। कंपनी फ्री सर्विस को बंद नहीं करना चाहती, इसलिए उन्होंने बीच का रास्ता निकाला है—विज्ञापन। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप YouTube या Spotify फ्री में चलाते हैं और बीच में Ads देखते हैं। इस मॉडल से OpenAI पैसे भी कमा लेगा और आम लोगों को फ्री ChatGPT मिलता भी रहेगा।

चैट में Ads दिखेंगे कैसे? क्या जवाब बदल जाएगा?

सबसे बड़ा डर लोगों को यही है कि कहीं Ads के चक्कर में ChatGPT गलत या पैसे देकर लिखवाए गए जवाब तो नहीं देने लगेगा? OpenAI ने साफ कहा है कि ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपने पूछा, "50 हजार के बजट में सबसे अच्छा लैपटॉप कौन सा है?" ChatGPT अपनी समझ से आपको 4-5 अच्छे लैपटॉप के नाम और उनके फीचर्स बताएगा। इस जवाब में कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। बस उस जवाब के खत्म होने के ठीक नीचे, एक अलग बॉक्स में किसी लैपटॉप कंपनी या ई-कॉमर्स साइट का विज्ञापन दिखेगा। इस बॉक्स पर साफ-साफ 'Sponsored' लिखा होगा, ताकि आप आसानी से फर्क कर सकें कि क्या असली जवाब है और क्या विज्ञापन।

"विज्ञापन का आपके AI वाले जवाब से कोई लेना-देना नहीं होगा। जवाब वही निष्पक्ष रहेगा, बस नीचे एक स्पॉन्सर्ड डिब्बा जुड़ जाएगा। विज्ञापनदाता को आपकी पर्सनल चैट पढ़ने का कोई एक्सेस नहीं मिलेगा।"

क्या विज्ञापनदाता आपकी प्राइवेट चैट पढ़ेंगे?

प्राइवेसी को लेकर यह सबसे जरूरी सवाल है। OpenAI का कहना है कि किसी भी बाहरी कंपनी या विज्ञापनदाता को आपकी चैट हिस्ट्री, पुरानी बातचीत या आपके अकाउंट की डिटेल नहीं बेची जाएगी।

विज्ञापनदाता को बस इतना पता चलेगा कि उसका Ad कितने लोगों ने देखा या कितने लोगों ने उस लिंक पर क्लिक किया। अगर आपने सेटिंग में 'Ads Personalization' ऑन रखा है, तो ChatGPT आपके सवाल से मिलता-जुलता Ad दिखाएगा। यानी अगर आप जूतों के बारे में पूछ रहे हैं, तो जूतों का Ad दिखेगा। लेकिन यह मैचिंग OpenAI के अपने सिस्टम के अंदर होगी, बाहर किसी कंपनी को आपका डेटा नहीं जाएगा।

किन लोगों को Ads नहीं दिखेंगे?

यह बदलाव हर किसी पर लागू नहीं है। कुछ मामलों में विज्ञापनों को पूरी तरह ब्लॉक रखा गया है:

  • पैसे देने वाले यूजर्स (Paid Users): अगर आप Plus, Pro, Business या Enterprise प्लान इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए कोई Ad नहीं है।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे: जिनकी उम्र 18 साल से कम रजिस्टर है, उन्हें विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।
  • सेंसिटिव टॉपिक: अगर आप बीमारी, डिप्रेशन, चुनाव, या राजनीति जैसे गंभीर मुद्दों पर बात कर रहे हैं, तो उस चैट में कोई Ad नहीं आएगा।
  • Temporary Chat: जो चैट हिस्ट्री में सेव नहीं होती, वहां विज्ञापन नहीं दिखेंगे।

4 सितंबर से बिज़नेस वालों के लिए क्या नया है?

4 सितंबर से भारत में 'Self-Serve Ads Manager' शुरू हो रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब भारत का कोई भी छोटा-बड़ा दुकानदार, स्टार्टअप या कंपनी ChatGPT पर अपने विज्ञापन चला सकेगी।

इसकी शुरुआत मात्र 725 रुपये (करीब $9) के डेली बजट से की जा सकती है। यानी अब तक जो विज्ञापन सिर्फ बड़ी एजेंसियां चला पाती थीं, वे अब हर बिज़नेस की पहुंच में होंगे। यह Google Ads और Facebook Ads को सीधे टक्कर देने वाला सिस्टम साबित हो सकता है।

यूजर्स के पास क्या कंट्रोल रहेगा?

OpenAI ने यूजर्स को पूरी तरह बेबस नहीं छोड़ा है। अगर आपको कोई विज्ञापन बेकार लगता है, तो आप उसे वहां से हटा (Dismiss) सकते हैं। अगर आपको लगता है कि Ad गलत है, तो आप उसे रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, सेटिंग्स में जाकर आप यह भी बंद कर सकते हैं कि ChatGPT आपकी पसंद के हिसाब से Ad न दिखाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या अब ChatGPT चलाने के पैसे देने पड़ेंगे?

बिल्कुल नहीं। Free और Go प्लान पहले की तरह ही मुफ्त रहेंगे। विज्ञापनों का मकसद ही यही है कि आम लोगों के लिए सर्विस को फ्री रखा जा सके।

2. क्या मैं फ्री प्लान में Ads हमेशा के लिए बंद कर सकता हूँ?

नहीं। फ्री प्लान में आप Ads को पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। आप सिर्फ फालतू Ads को हटा सकते हैं या पर्सनलाइजेशन बंद कर सकते हैं। अगर बिल्कुल Ads नहीं देखने हैं, तो Plus प्लान लेना होगा।

3. अगर मैं सिर्फ कोडिंग के लिए ChatGPT यूज करता हूँ, तो भी Ad दिखेंगे?

हाँ, अगर आपका कोई टॉपिक सेंसिटिव नहीं है, तो जवाब के नीचे स्पॉन्सर्ड लिंक दिख सकता है, चाहे वो कोडिंग हो या कुछ और।

4. भारत के लोकल बिज़नेस Ads Manager से कैसे जुड़ें?

4 सितंबर के बाद, OpenAI के आधिकारिक Ads पोर्टल पर जाकर कोई भी बिज़नेस अपना अकाउंट बना सकता है। वहां रोज़ का कम से कम 725 रुपये बजट सेट करके विज्ञापन लाइव किए जा सकेंगे।

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RAj K

News Writer and Editor At India Daily News

I'm a news writer and author, provides insightful analysis for India Daily News.

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